Tuesday, April 21, 2020

buddhiman ladki ki hindi moral and motivation kahani | बुद्धिमान लड़की की हिंदी नैतिक और अभिरोचन कहानी

 एक आज की दुनिया में लड़के और लड़कियां  के बीच कोई भी अंतर नहीं है | हम सभी लोग यह समझ चुके है की अगर लडकियों को भी मौका दिया जाये तो लड़कियां भी कोई लडको से कम नहीं | 

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बुद्धिमान लड़की 

पहले के समाज में ले और लडकियों में बहुत फरक करते थे लोग लडकियों को कभी जीवन में सफल होने का मौका नहीं मिला | आज का समाज बदल गया है लोग समझ गए है की लडको की तरह हमारी लड़कियां भी जीवन में कुछ लार सकती है |

बुद्धिमान लड़की की हिंदी नैतिक और अभिरोचन कहानी 


इस कहानी में हम पढेंगे की कैसे एक बुद्धिमान लड़की अपने परिवार के लिए वह कर दिखाती है जो शायद कोई लड़का भी न कर पाए | इस बुद्धिमान लड़की ने यह साबित कर दिया की लड़कियां भी कोई लडको से कम नहीं है | लड़कियां भी लडको के साथ कंधो में कन्धा मिला कर चल सकती है | 

एक गाव में एक किस्सान रहता था | किसान बहुत ही भोला और सज्जन आदमी था | किसान अपने घर में अपनी पत्नी और 4 की छोटी लड़की के आठ रहता था | लिसन बहुत म्हणत कर के अपने परिवार का पेट पालता था | किसान को अपनी छोटी बेटी से बहुत प्यार था और उसे इस बात का गर्व था की उसकी घर देवी का रूप लड़की ने जन्म लिया है |

किसान के पत्नी को बेटा चाहिए था, इसलिए उसकी पत्नी अपने छोटी लड़की से प्यार नहीं करती थी | किसान के लिए लड़के और लड़कियां के बीच कोई नटर नहीं था | किसना ने अपने पत्नी से कहा देखना एक दिन हमारी लड़की वह काम कर के दिखाएगी जो लड़के भी नहीं कर पाएंगे, और तुम्हे हमारे लड़की पर नाज होगा |

एक दिन रात में सोते हुए किसान के घर में आग लग जाती है, और उसका घर जल जाता है | अपने घर को वापस बनने के लिए किसान सेठ जमिनाद्र से अपना खेत गिरवी रखकर घर बनने के लिए पैसे लेता है | धीरे-धीरे किसान अपना घर बना लेता हिया और एक साल के नादर अपने गिरवी खेत के क़िस्त भी चूका देता है |

एक साल बाद जब किसान अपने जमीन के पेपर लेने जाता हिया तो सेठ जमींदार उसके आखिरी क़िस्त नहीं दिया बोल कर भगा देता था | ऐसे करते-करते 10 साल बीत गए और किसान को अपनी जमीन नहीं मिली | उसकी पत्नी किसान को हमेशा कोसती थी की अगर हमारे पास बीटा होता तो आज हमारा जमीन हमारे पास होता |

एब्चारा किसान बोला और लचर आदमी सेठ जमींदार से कैसे लादे तो उसने जैसा चल रहा था ब्वैसा चलने दिया | किसान के बुद्धिमान लड़की को यह बात पता चली तो उसने सेठ जमींदार से अपना खेत पाने का तरीका धुंध लिया | जमींदार की लड़की और किसान की लड़की बहुतअच्छे दोस्त थे | वो साथ में खेलते और स्कूल जाते थे |

किसान की बुद्धिमान लड़की ने जमींदार के अल्द्की से सहायता मांगी अपना खेत पाने में  जमींदार की लड़की ने उसकी मदद की | जमींदार की लड़की ने अपने घर में एक दोस्त को बांध कर रख दिया, और किसी को बताया नहीं की यह उसकी दोस्त है |

अगले दिन किसान की लड़की लड़के का भेस बना कर  गाव के में मुखिया के साथ सेठ जमींदार के घर पहुच गयी | किसना की बुद्धिमान लड़की ने कहा स्थ ने उसकी बेहें को बंदी बना लिया है, और उसकी जम्में वापस नहीं कर रहा है | जमींदर ने उसके बात से मन कर दिया | घर को खोजने पर उसकी दोस्त मिली | किसान की लड़ी ने कहा यही मेरी बेहें है जमींदार ने इसे बंदी बना लिया था |

 जमींदार ने कहा यह झूट है, यह बात सुच हिया की मैंने किसान से ज्यादा पैसे लिए मगर मैंने इसकी बेटी जो बंदी नहीं बनाया | मुखिया के कहने पर जमींदार ने खेत के पेपर उसकी बेटी को दिया और किसना से माफ़ी मांगी | किसान की बुद्धिमान लड़की खेत के कागज लेकर घर पहुची और अपने पिता को सब कुछ बताया की कैसे उसने यह काम कर दिया |

बुद्धिमान लड़की की समझदारी देखकर किसान की पत्नी भी बहुत खुश हुई और उसे अपने सीने से लगा लिया | उसी माँ ने कहा मै हमेशा से गलत थी | जिसके पास तुम जैसी बेटी हो तो उसे बेटे की क्या जरुरत है | किसान का परिवार खुश से अपना जीवन काटने लगा | 

सिख : बुद्धिमान लड़की की हिंदी नैतिक और अभिरोचन कहानी से हमे यह सिख मिलती है की लड़के और लड़कियों में ज्यादा फर्क नहीं होता अगर हम अपनी बेटियों को मौका देतो वो भी बड़े से बड़े काम कर सकती है | इसलिए बीटा हो या बेटी सम्मान और उन्हें जीवन में कुछ करने का मौका दे जिससे वह पुरे दुनिया को बता सके की बेटिया होना कोई गुनाह नहीं ।

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